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Tuesday, January 16, 2018

स्वदेशी मेला में कवि सम्मेलन में कवियों ने की काव्यरस की बौछार

बोकारो : स्वदेशी जागरण मंच द्वारा सेक्टर 4 मजदूर मैदान में जारी इस्पातांचल स्वदेशी मेला में अखिल भारतीय साहित्य परिषद् के संयोजन में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कवि सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार अमीरी नाथ झा ‘अमर’ ने की तथा संचालन डाॅ रंजना श्रीवास्तव ने किया। इस कवि सम्मेलन में कवि विनय कुमार मिश्र, डाॅ परमेश्वर भारती, राम नारायण उपाध्याय, वकील दीक्षित, डाॅ नर नारायण तिवारी, वेंकटेश शर्मा, डाॅ रंजीत कुमार झा, भावना वर्मा, उषा झा, अरुण पाठक, डाॅ रंजना श्रीवास्तव, कस्तूरी सिन्हा, सत्यदेव तिवारी, सुनील मोहन ठाकुर, ज्योति वर्मा, डाॅ मीरा सिन्हा, गंगेश कुमार पाठक, जगनारायण राय ज्योति, जाहिद सूफी, कुणाल पंडित, डाॅ एन के राय, के के सिंह, नीता सहाय, प्रो. पी एल वर्णवाल, प्रफुल्ल चंद्र पाठक आदि कवि-कवयित्रियों ने देश प्रेम, स्वदेशी की भावना से ओत-प्रोत रचनाओं के साथ ही जनता-नेता, रिश्ते-नाते, पर्व-त्योहार की प्रासंगिकता को उजागर करती रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को घंटों बांधे रखा। कवि सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि उद्योगपति ललन सिंह, भाजपा नेता कृष्ण कुमार मुन्ना व कवियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कवि सम्मेलन की शुरुआत वरिष्ठ गीतकार विनय कुमार मिश्र ने सरस्वती वंदना सुनाकर की। कुणाल पंडित ने ‘जय सत्य सनातन परम धरम...’, गंगेश पाठक ने ‘नवका फैशनक आयल ई युग..’, डाॅ रणजीत कुमार झा ने ‘कलयुगी संत’, सुनील मोहन ठाकुर ने मैथिली गीत ‘हम ठाढ़े रही ओ चलिए गेली...’, राम नारायण उपाध्याय ने भोजपुरी हास्य कविता ‘हमरे घरे साली अयली’, ज्योति वर्मा ने हिन्दी कविता ‘दोस्त बनकर लोग आज तक छलते रहे...’, उषा झा ने ‘हमारा प्यारा हिन्दुस्तान’, डाॅ मीरा सिन्हा ने ‘नया गीत गाना होगा’, डाॅ नर नारायण तिवारी ने ‘सूर्यमुखी देखि रहि शहीद को’, कस्तूरी सिन्हा ने ‘बातें होती यहां देश की’, भावना वर्मा ने ‘चांदनीमय पात्र है पूनम निशा है’, के के सिंह ने ‘खुशियों की सौगात लिए नया साल है आया..’, डाॅ नरेन्द्र कुमार राय ने ‘वीरव्रती की पाती’, नीता सहाय ने ‘लाहौर में लहरायेगा तिरंगा’ सुनाकर श्रोताओं को आनंदित किया। अरुण पाठक ने मिथिलांचल की सांस्कृतिक विशिष्टता से ओत-प्रोत मैथिली गीत सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। उदीयमान कवि व शायर जाहिद सूफी ने शेरो-शायरी सुनाकर लोगों की दाद पाई। एक बानगी देखें-‘हमारी हर कहानी हर घड़ी सुर्खी बने दिलबर, मिले हम तुम कभी ऐसे कि ब्रेकिंग न्यूज बन जाए..’। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच द्वारा कवियों को मंच की ओर से प्रकाशित डायरी व पेन भेंट की गयी। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के सचिन्द्र कुमार बरियार, अजय चैधरी दीपक, विवेकानन्द झा, कुमार संजय, अजय कुमार सिंह, सीतेश आजाद सहित अन्य श्रोता उपस्थित थे।
-अरुण पाठक

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