झारखंड

भारत सरकार ने डॉ हेमलता एस मोहन को सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण का अध्यक्ष नियुक्त किया

झारखंड से अध्यक्ष के रुप में पहली नियुक्ति डॉ हेमलता की

बोकारो: सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् व झारखंड राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष डॉ हेमलता एस मोहन को भारत सरकार ने ‘सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र’ का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस उपलब्धि से न केवल डॉ हेमलता के व्यक्तित्व में एक और नया आयाम जुड़ गया है बल्कि झारखंड राज्य के लिए यह बहुत ही गौरवपूर्ण उपलब्धि है।

नई दिल्ली स्थित ‘सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र’ के अध्यक्ष का प्रतिष्ठित पद इसके पूर्व जम्मू कश्मीर के पूर्व गर्वनर और दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर रहे जगमोहन सरीखे अन्य कई राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हस्ती संभालते रहे हैं।

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संगठन के रुप में कार्यरत ‘सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र’ एक अग्रणी संस्थान है जो शिक्षा को संस्कृति के साथ जोड़ने के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। केन्द्र ने कॉलेज एवं स्कूल के विद्यार्थियों में संस्कृति के प्रचार एवं प्रसार की योजना अपने हाथों में ले रखी है। केन्द्र छात्रों के बीच भारत की क्षेत्रीय संस्कृतियों की बहुलता के प्रति जागृति एवं समझ उत्पन्न कर शिक्षा प्रणाली में अन्तर्निहित करने हेतु विभिन्न माध्यमों का उपयोग करता है।

‘सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र’ शिक्षा को संस्कृति आधारित और सार्थक बनाकर राष्ट्र की नींव को सुदृढ़ करने में योगदान दे रहा है, जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में है और इसके तीन क्षेत्रीय केन्द्र पश्चिम में उदयपुर, दक्षिण में हैदराबाद और उत्तर-पूर्व में गुवाहाटी में है जो भारतीय कला और संस्कृति के व्यापक प्रसार की सुविधा प्रदान करता है। ‘सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र’ समग्र शिक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है, जिसमें बच्चों के संज्ञानात्मक, भावनात्मक और आध्यात्मिक विकास शामिल हैं। इतना ही नहीं यह केन्द्र स्पष्टता, रचनात्मकता, विचार की आजादी, सहिष्णुता और करुणा के अनुकूल सांस्कृतिक ज्ञान और समझ बढ़ाने हेतु शिक्षा प्रदान करता है।

डॉ हेमलता वर्तमान में डीपीएस बोकारो की निदेशक सह प्राचार्या हैं और स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने हेतु आपसी समन्वय के लिए गठित डॉ राधाकृष्णन सहोदया स्कूल कॉम्प्लेक्स की अध्यक्ष भी हैं। शिक्षा व समाज सेवा के लिए डॉ हेमलता को कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। वर्ष 2004 के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान मिला। इसके पूर्व वर्ष 2002 के लिए भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ मुरली मनोहर जोशी द्वारा सीबीएसई शिक्षक पुरस्कार मिला। गोवा की राज्यपाल श्रीमती मृदुला सिन्हा ने वर्ष 2017 में डॉ हेमलता को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया। डॉ हेमलता ने वर्ष 2010 से 2013 तक झारखंड राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद को सुशोभित किया। इस दौरान महिला सशक्तिकरण के लिए उन्होंने कई उल्लेखनीय कार्य किए।

डॉ हेमलता को भारतीय कला एवं संस्कृति के उत्थान में उल्लेखनीय भूमिका के लिए वर्ष 2008 में अवंतिका सरला चोपड़ा स्मृति सम्मान प्राप्त हो चुका है।

डॉ हेमलता वर्तमान में ‘स्पिक मैके’ झारखंड की सचिव, ‘झालसा’ की गवर्निंग बॉडी की सदस्य तथा सीबीएफसी (केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड), पूर्वी क्षेत्र, कोलकाता के सलाहकार पैनल की सदस्य भी हैं।

विद्यालय में बुधवार को आयोजित प्रातः एसेंबली में इस विशिष्ट उपलब्धि के लिए विद्यालय द्वारा डॉ हेमलता एस मोहन को सम्मानित किया गया। डीपीएस सीनियर इकाई में उपप्राचार्य प्रवीण कुमार शर्मा, उपप्राचार्या डॉ मनीषा तिवारी, हेडमास्टर अंजनी भूषण, हेडमिस्ट्रेस मनीषा शर्मा व शालिनी शर्मा तथा डीपीएस प्राइमरी इकाई में उपप्राचार्या पी शैलजा जयकुमार व हेडमिस्ट्रेस सुनीता भारद्वाज ने डॉ हेमलता को सम्मानित किया। डॉ हेमलता ने सीसीआरटी की अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर भारत सरकार व संस्कृति मंत्रालय के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने सहकर्मियों, छात्रों व शुभचिंतकों को धन्यवाद दिया और कहा कि वह जीवनपर्यंत शिक्षा, संस्कृति व सामाजिक क्षेत्र के लिए समर्पित भाव से कार्य करती रहेंगी।

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