अभिव्यक्ति

अटल साहब को आखिरी सलाम

युवा कवि उज्ज्वल कुमार झा ने अपनी कविताओं से दिया कवि कुल श्रेष्ठ आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि

आज मैं कवि होने पर अत्यंत गर्व का अनुभव कर रहा हूँ क्योंकि देश को न्यूक्लियर पावर बनाने वाले हिंदुस्तान के सफलतम प्रधानमंत्री आदरणीय अटल जी को जब श्रद्धा पुष्प अर्पित किया जा रहा है, तो प्रत्येक न्यूज चैनल पर केवल उनकी कविताएं सुनाई जा रही हैं । व्हाट्सएप एवं फेसबुक उनकी कविताओं से जैसे भर गया है। आम जन मानस उस कवि को मानो उसी की कविताओं से श्रंद्धाजलि दे रहा है। जनता का इतना प्यार ही काफी है एक कवि के सम्मान के लिए

कवि कुल श्रेष्ठ, महान व्यक्तित्व एवं सफल राजनेता आदरणीय अटल जी को अपनी एक कविता एवं चार पंक्तियों से श्रद्धांजलि पुष्प अर्पित करता हूँ ।

पूरे देश नमन उनको सर झुकाकर करता है,
सबको गर्व है उनपर ये सर उठाकर कहता है,
माँ भारती ने खो दिया उन वीर बेटे को,
ये उज्ज्वल भी उन्हें आज आखिरी सलाम करता है ।

अटल साहब को आखिरी सलाम

भारत माँ के बेटे जिनका अमिट बना कीर्तिमान है,
भारत माँ को भी अपने इन बेटो पर अभिमान है ।
राजनीति में जिसने एक नया आयाम बनाया है ,
ईमानदारी से रहना जो हम सबको सिखाया है ।
जनता के बीचों में रहना,सबके दुखों को रूक कर सुनना यही था उनका काम ,
हम सबको मालूम न था आयेगी मायूस ये शाम ।
अटल बिहारी नाम था जिनका भारत के सच्चे लाल,
उनकों भी आज न बख्शा कठोर क्रूर वो काल ।
कविता के मंचों पर जिसने भारत माता का गुणगान किया,
अपने खातिर कुछ भी नहीं जो देश के खातिर काम किया ।
राजनीति, कविता मे गूँजा भारत में एक नाम,
अटल बिहारी नाम है जिनका करता हूँ उन्हें प्रणाम ।
सबको ये पता है कि आखिरी वही गंतव्य है,
जीवों के जीवन में, जन्म-मरण ही सत्य है ।
उनके पावन चरणों मे झुककर नमन मैं करता हूँ,
करूण हृदय से उनको मैं श्रद्धांजलि अर्पण करता हूँ ।।

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