अभिव्यक्तिकविता

‘मेरा पीएम चोर है’ का नारा लगाने वाले को कविता के माध्यम से करार जबाब

कवयित्री अनु नेवटिया ने प्रधानमंत्री को अपमानित करने वाले को दिया करार जबाब

 

anu newatia
अनु नेवटिया

अभी हाल फिलहाल में “मेरा पीएम चोर है” का नारा लगाया जा रहा था, कुछ लोग इस टैग लाइन को टी शर्ट पर छपवा कर भी घूम रहे थे।
शिकायत करना अलग बात है, पर अपने देश के प्रधानमंत्री की इस स्तर पर जाकर बेईज्ज़ती करना मेरे अनुसार देश की बेईज्ज़ती करना है।
उसी सन्दर्भ में एक रचना प्रस्तुत कर रहीं हूँ

 

मेरा पीएम चोर है।

अमावस की रात से,
वो चुरा लाया भोर है।
हाँ ! मेरा पीएम चोर है।

राजनितिक दलदल से,
वो कमल चुरा लाया।
खोया हुआ सबका,
सम्बल चुरा लाया।
वो दबी हुई हिन्दुओं की,
आवाज़ चुरा लाया।
मुस्लिम महिलाओं का,
इन्साफ चुरा लाया।
लुटेरों से चुराई,
देश की बाग डोर है।
हाँ ! मेरा पीएम चोर है।

लाइसेंस सभी वो,
फ़र्ज़ी चुरा गया।
कर-चोरों की मन,
मर्ज़ी चुरा गया।
घूसखोरों की,
मनमानी चुरा ली।
देश द्रोही की,
कारस्तानी चुरा ली।
यूँही नहीं विरोध उनका,
हो रहा पुरज़ोर है।
हाँ ! मेरा पीएम चोर है।

चुराई अधीनता,
खोल खाता जनधन।
डिजिटल इंडिया ने,
चुराया पिछड़ापन।
चुरा गयी उज्ज्वला,
जीवाश्म ईंधन की मार।
सौभाग्य ने चुराया,
सब गावों का अन्धकार।
बेटी बचाओ ने हर तरफ,
मचा दिया शोर है।
हाँ ! मेरा पीएम चोर है।

चीन से उसकी,
ज़िद्द चुराई।
पाक की,
उम्मीद चुराई।
मिशन मंगलयान से,
फतह चुराया।
विश्व पटल पर,
जगह चुराया।
गुणगान उनका,
हो रहा चंहुओर है।
हाँ ! मेरा पीएम चोर है।

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