झारखंड

मिथिला सांस्कृतिक परिषद् ने मनाया कोजागरा उत्सव

स्वर्ग सं सुन्दर मिथिला धाम, मंडन, अयाची राजा जनक के गाम.

बोकारो: मैथिली भाषियों की प्रतिष्ठित संस्था मिथिला सांस्कृतिक परिषद् द्वारा मिथिलांचल का पारंपरिक ‘कोजागरा उत्सव’ सोल्लास मनाया गया। परिषद् द्वारा मिथिला एकेडमी पब्लिक स्कूल के सभागार में आयोजित इस उत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि बीएसएल के महाप्रबंधक व मिथिला सांस्कृतिक परिषद् के अध्यक्ष कुमुद कुमार ठाकुर, मिथिला एकेडमी पब्लिक स्कूल के अध्यक्ष रामाधार झा, परिषद के उपाध्यक्ष अनिल कुमार, परिषद् के महासचिव राजेन्द्र कुमार, मिथिला महिला समिति की अध्यक्ष अमिता झा, मिथिला एकेडमी पब्लिक स्कूल के सचिव रविन्द्र झा आदि ने किया। स्वागत भाषण करते हुए परिषद् के महासचिव श्री कुमार ने कहा कि परिषद् युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़े रखने के लिए परंपरा से जुड़े आयोजन समय-समय पर आयोजित करती है। इसी कड़ी में कोजागरा उत्सव का आयोजन हो रहा है। परिषद् के अध्यक्ष श्री ठाकुर ने कहा कि मिथिलांचल में आश्विन पूर्णिमा के दिन ‘कोजागरा’ उत्सव मनाया जाता है। इस दिन हर घर में लक्ष्मी पूजा का विधान है और रात्रि जागरण की प्रधानता है। विशेषरुप से नव विवाहित युवकों के यहां कोजागरा उत्सव धूम-धाम से मनाया जाता है। वहीं, मुख्य अतिथि ने मिथिला की धनी संस्कृति व परंपरा पर प्रकाश डालते हुए इसे अक्षुण्ण बनाये रखने का आह्वान सभी से किया।

इस अवसर पर सुप्रसि़द्ध युवा गायक व परिषद् के सांस्कृतिक कार्यक्रम निर्देशक अरुण कुमार पाठक के संयोजन में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसकी शुरुआत मिथिला महिला समिति की जयंती पाठक, भारती झा, पूनम सिंह व नीलू झा ने भगवती गीत ‘सभहक सुधि आहां लै छी हे अम्बे हमरा किए बिसरै छी हे…’, कोजागरा पर्व पर आधारित गीत ‘सखी हे आसिन धवल ईजोरिया पिया संग खेलब पचीसी ना…’ व ‘झूमि-झूमि ललना के करियौन चुमान…’ सुनाकर की। तत्पश्चात् अरुण पाठक व सुनीता श्रीवास्तव ने महाकवि विद्यापति रचित भगवती वंदना ‘जय-जय भैरवि असुर भयाउनि…’ की भावपूर्ण प्रस्तुति की। इसके बाद अरुण पाठक ने कोजागरा पर्व की प्रासंगिकता को उजागर करता गीत ‘आई पूर्णिमा उगल ईजोरिया चकमक चमकय चान यौ, मिथिला के पावनि ई कोजागरा बांटू पान मखान यौ…’, ‘स्वर्ग सं सुन्दर मिथिला धाम…’, ‘कोबर सजा राखू हम गाम आबै छी…’ व अन्य गीत सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शेफाली दुबे ने ‘पान ऐलैया मखान एलैया धिया के वियाह के सामान ऐलैया…’ व अन्य गीत सुनाकर श्रोताओं की प्रशंसा पाई। सुनीता श्रीवास्तव ने ‘मोहि लेलखिन सजनी मोरा मनवां…’ आदि गीत की सुमधुर प्रस्तुति की। रमेन्द्र नारायण दुबे ने भी गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में हारमोनियम पर आर एन दुबे, ढोलक पर विश्वनाथ गोस्वामी ने अच्छी संगति की। इस अवसर पर आगंतुकों के बीच मिथिलांचल का प्रसिद्ध प्रसाद मखान, पान व मिष्ठान्न वितरण किया गया।

आयोजन की सफलता में अभिषेक कुमार झा, सुनील कुमार झा, रोहित चंचल, चन्द्रकान्त मिश्र, डॉऋषभ राज, डॉ अनिल कुमार झा, आशीष कुमार झा, बहुरन झा, आनंद मोहन झा, जया नन्द झा, आशीष कुमार झा, विनोद कुमार झा, कैलाशपति मिश्र, सुशील मिश्र, प्रशान्त कुमार झा, अमर नाथ झा, सुमनजी, भवनजी, जीत नारायण झा, प्रशान्त झा आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जबकि मौके पर परिषद् के पूर्व महासचिव तुला नन्द मिश्र, सतीश चंद्र झा, हरिमोहन झा सहित सीमा ठाकुर, कंचन झा, श्रीमोहन झा, मनोज झा, सुनील मोहन ठाकुर, श्रवण कुमार झा, विजय कुमार झा, रंजन कुमार कर्ण, गोविन्द कुमार झा, सुदीप कुमार ठाकुर, दीपक झा, रुपक झा, काली कान्त मिश्र, अमरजीत चौधरी, जी के मिश्रा आदि उपस्थित थे।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close
Close

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker