पश्चिम बंगाल

हावड़ा में प्राकृतिक चिकित्सा दिवस मनाया गया

डॉ. संदीप ने कहा कि 'अगर मनुष्य प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाकर अपने भोजन तथा दिनचर्या में बदलाव लाये तो एक बेहतर और स्वस्थ जीवन जी सकता है।'

हावड़ा: इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाईजेशन(INO) के द्वारा आयुष मंत्रालय के सहयोग से इस वर्ष प्रथम प्राकृतिक चिकित्सा दिवस 18 नवंबर को घोषित किया गया एवं 11 से 18 नवम्बर 2018 तक पूरे भारत वर्ष में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया जिसमे लाखो लोगो ने भाग लिया। अभी तक यह दिवस गैर सरकारी तरीके से INO द्वारा 2 अक्टूबर को मनाया जाता था पर इस बर्ष से सरकारी तरीके से 18 नवंबर को मनाया जाएगा।

भारत के अन्य राज्यों में कॉउन्सिल ना होते हुए भी प्राकृतिक चिकित्सा का कार्य बड़े सुचारू रूप से होते आया है पर पश्चिम बंगाल में सरकार की तरफ से योग एवं नेचुरोपैथी कॉउन्सिल होने के बावजूद भी बंगाल में प्राकृतिक चिकित्सा का प्रचार प्रसार सही तरीके से नही हो पा रहा।
लेकिन इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाईजेशन के तरफ से जागरूकता के लिए कार्यक्रम का आयोजन हावड़ा जिले के कोऑर्डिनेटर डॉ संदीप सेठ ने पश्चिम बंगाल राज्य के कोऑर्डिनेटर डॉ तपन कुमार भट्टाचार्य के निर्देश अनुसार एक 2:30 घंटे के सेमिनार के माध्यम किया।

यह सेमिनार हावड़ा के लिलुआ के BeFit Yoga Studio में योग शिक्षिका सरोज शर्मा जी के माध्यम से आयोजित किया गया। जिसमे काफी छात्र-छात्राओं ने भाग लिया एवं इस अभियान में जूही गुप्ता एवं बसंत प्रजापति ने डॉ संदीप सेठ का सहयोग किया।

डॉ. संदीप ने कहा कि ‘अगर मनुष्य प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाकर अपने भोजन तथा दिनचर्या में बदलाव लाये तो एक बेहतर और स्वस्थ जीवन जी सकता है।’

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