झारखंड

प्रेमचंद जयंती पर साहित्यलोक की रचनागोष्ठी आयोजित

बोकारो: महान साहित्यकार प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर चर्चित साहित्यिक संस्था ‘साहित्यलोक’ द्वारा बीती शाम रचनागोष्ठी का आयोजन किया गया। महाकवि दयाकान्त झा के चीरा चास-कालिका विहार स्थित आवास पर आयोजित इस रचनागोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ शिक्षाविद् व साहित्यलोक के संस्थापक महासचिव तुलानन्द मिश्र ने की तथा संचालन अमन कुमार झा ने किया। इस रचनागोष्ठी में विजय शंकर मल्लिक ‘सुधापति’, रणधीर चन्द्र गोस्वामी, अमन कुमार झा, ब्रजेश कुमार पांडेय, अमन कुमार मिश्रा, अरुण पाठक आदि साहित्यकारों ने प्रेमचंद के साहित्यिक अवदान की चर्चा की तत्पश्चात् अपनी रचनाओं का पाठ किया। साहित्यकारों ने कहा कि प्रेमचंद की रचनाएं आज भी प्रासंगिक हैं। प्रेमचंद ने जिस तरह से अपनी रचनाओं में सामाजिक स्थिति का चित्रण किया वह प्रशंसनीय है।

रचनागोष्ठी में समसामयिक विषयों, देशप्रेम, ग्रामीण जीवन, प्रेम, हास्यरस आदि पर केंद्रित रचनाएं प्रस्तुत की गईं। नवोदित रचनाकार अमन मिश्रा ने हिन्दी कविता ‘केसरिया रंग में लहराया’ व मैथिली कविता ‘वर्षाक रंग’, दया कान्त झा ने मैथिली में ‘कुशासक’ व ‘बान्हल घर आंगन उजड़ि गेल’, विजय शंकर मल्लिक ने अंग्रेजी कविता ‘यस टोमोटा’ व मैथिली में चरिपतिया ‘प्रेम पहाड़ा’, ब्रजेश पांडेय ने हिन्दी कविता ‘उर्मिला गान’ व ‘प्रेम मिलता कहां’, रणधीर चंद्र गोस्वामी ने ‘चाँदनी’ व ‘तुम’, अमन कुमार झा ने मैथिली नाटक के कुछ अंश व कविता ‘अस्तित्व’ सुनाकर सबकी दाद पाई। पठित रचनाओं पर समीक्षा टिप्पणी भी दी गयी।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close
Close

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker